एसआईआर: चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों में पुनः बढ़ाई SIR की समयसीमा

नईदिल्ली (ए)। चुनाव आयोग ने गुरुवार को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अहम फैसला लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की समय सीमा को बढ़ाया है। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 26 दिंसबर तक एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा को बढ़ाई गई है। वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 18 दिसंबर तक ये प्रक्रिया जारी रहेगी। तमिलनाडु और गुजरात में 14 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे। आयोग का मानना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना प्राथमिकता है, इसलिए अतिरिक्त समय देना आवश्यक हो सकता है।
कोई भी योग्य वोटर पीछे न छूटे, इसे पक्का कराने के लिए नए वोटरों को फॉर्म छह भरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही उसे ब्लॉक लेवल अधिकारियों (BLO) को जमा करने या ECINet ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए बताया जा रहा है, जिससे उनके नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल हो सकें। चुनाव आयोग ने बताया कि ये सूची अगले साल फरवरी में प्रकाशित होगी।
SIR में वेरिफिकेशन के लिए पहले लास्ट डेट 4 दिसंबर तय की गई थी। फिर एक दिसंबर को इसे बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया। लेकिन यूपी..बंगाल समेत कई राज्यों में SIR का काम बचा हुआ है। इसको लेकर वेरिफिकेशन की तारीख बढ़ा दी गई है। अब चुनाव आयोग ने बताया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर 6 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया के कार्यक्रम को संशोधित किया गया है।
एसआईआर का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की सफाई और अद्यतन करना है, जिसमें डुप्लीकेट नाम हटाना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम निकालना और नए योग्य मतदाताओं (18 वर्ष से ऊपर) को शामिल करना शामिल है। देशभर में इस प्रक्रिया के जरिए फर्जी मतदान की संभावनाओं को भी कम किया जा रहा है। वर्तमान में एसआईआर का दूसरा चरण जारी है। पहले चरण की शुरुआत बिहार से हुई थी। अब दूसरे चरण में राज्यों में बूथ-स्तर अधिकारियों (बीएलओ) की तरफ से घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। कई बीएलओ शिक्षक या सरकारी कर्मचारी होते हैं, जिसके कारण सीमित समय में पूरे क्षेत्र का सत्यापन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को कहा कि राज्य ने भारतीय निर्वाचन आयोग से मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को पूरा करने के लिए दो और सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया है। एक प्रेस बयान में, नवदीप रिणवा ने कहा कि यह विस्तार इसलिए मांगा गया था ताकि जिला चुनाव अधिकारी मृत मतदाताओं, अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और लापता मतदाताओं की प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन कर सकें। उनके अनुसार, अब तक 99.24 प्रतिशत जनगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हो चुका है। राज्य भर में 4 नवंबर से एसआईआर अभ्यास चल रहा है।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की समयसीमा में संशोधन किया है और अंतिम प्रकाशन की तिथि को पहले की निर्धारित तिथि से बदलकर 14 फरवरी, 2026 कर दिया है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में, चुनाव आयोग ने कहा कि बड़े पैमाने पर जनगणना कार्य और राज्य भर में मतदान केंद्रों के उचित सत्यापन और युक्तिकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विस्तार प्रदान किया गया है।
चुनाव आयोग की तरफ से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारियों की तरफ से घर-घर जाकर की जाने वाली जनगणना आज, 11 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो जाएगी। मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद नागरिक 16 दिसंबर, 2025 और 15 जनवरी, 2026 के बीच दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। दावों, आपत्तियों का निपटारा और विशेष सत्यापन अभियान 7 फरवरी, 2026 तक जारी रहेगा, साथ ही मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी उसी तिथि तक पूरा कर लिया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग ने इसके साथ ही कई अहम जानकारी भी साझा की हैं-
पहले संशोधित कार्यक्रम में, इन 6 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए गणना का समय 11.12.2025 तक था और वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट के पब्लिश होने की पिछली तारीख 16.12.2025 थी।
गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए गणना की समयसीमा अवधि आज 11.12.2025 को खत्म हो जाएगी। इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वोटर लिस्ट का मसौदा 16.12.2025 को पब्लिश किया जाएगा।
केरल के लिए कार्यक्रम पहले ही संशोधित किया गया था और यहां के लिए गणना की समयसीमा 18.12.2025 तक समाप्त हो जाएगी और मतदाता सूची का मसौदा 23.12.2025 को प्रकाशित किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने कहा है कि कोई भी पात्र वोटर पीछे न छूट जाए, इसके लिए नए वोटर्स और घोषणा के साथ फॉर्म 6 भरने और उन्हें BLO के पास जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र मतदाता पीछे न रह जाए, नए मतदाताओं को घोषणा के साथ फॉर्म 6 भरने और उन्हें बीएलओ के पास जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है या फरवरी, 2026 में पब्लिश होने वाली अंतिम वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराने के लिए ECINet ऐप/वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ का उपयोग करके फॉर्म और घोषणा पत्र ऑनलाइन भरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।




