नं. 1 स्मार्ट सिटी की अनस्मार्ट प्लानिंग: छोटे प्रोजेक्ट पर हजार करोड़ खर्चे, आमदनी वाला एक भी पूरा नहीं; खाते में सिर्फ 70 करोड़

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इंदौर20 मिनट पहलेलेखक: दीपेश शर्मा

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देश में अव्वल इंदौर स्मार्ट सिटी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। - Dainik Bhaskar

देश में अव्वल इंदौर स्मार्ट सिटी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।

देश में अव्वल इंदौर स्मार्ट सिटी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। 5 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट में 1 हजार करोड़ सरकार से मिले हैं, अफसरों ने इसमें से ज्यादातर राशि छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर खर्च कर दी। बाकी राशि जुटाने के लिए आमदनी देने वाला एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। अब 650 करोड़ के काम पेंडिंग हैं, लेकिन खाते में सिर्फ 70 करोड़ बचे हैं।

एबीडी एरिया में न पेयजल की व्यवस्था हुई और न सीवर लाइन का नटवर्क, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू नहीं हो सका। अब नए प्रोजेक्ट लेना तो दूर स्मार्ट सिटी पहले के 35 पेंडिंग प्रोजेक्ट पूरा करने की स्थिति में नहीं है। स्मार्ट सिटी को एमओजी लाइंस के रिडेवलपमेंट, नेहरू पार्क, गोपाल मंदिर की दुकानों आदि से आमदनी होना थी, लेकिन ये काम हो ही नहीं पाए।

664 करोड़ के प्रोजेक्ट, जिन्हें पूरा करने के लिए पैसा नहीं बचा

1097 करोड़ इन कामों में खर्च हुए
56 दुकान, बियाबानी रोड, जयरामपुर से गोराकुंड, बियाबानी से जिंसी, सरवटे से मच्छी बाजार, राजमोहल्ला की सड़कें, कृष्णपुरा छत्री से राजबाड़ा, जवाहर मार्ग, नंदलालपुरा सब्जी मंडी, जिंसी हाट, 10 जीटीएस, बायो मिथेनाइजेशन प्लांट, स्लज हाइजिनाइजेशन, हाईवा ट्रांसपोर्ट व्हीकल, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर आदि पर 1097 करोड़ खर्च किए गए।

सीधी बात – डीआर लोधी, अधीक्षण यंत्री स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी के पास अब पैसा ही नहीं बचा?
– एमओजी लाइंस प्रोजेक्ट से 800 करोड़ रुपए की आमदनी होना थी, कोर्ट के स्टे से काम शुरू नहीं हो सका।

सभी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं?
– रेवेन्यू के अन्य प्रोजेक्ट से भी आमदनी होगी।

बाकी प्रोजेक्ट तो छोटे-छोटे हैं?
– मार्च 2023 के बाद स्मार्ट सिटी 2.0 आने वाला है, इसमें फंड मिलने की उम्मीद है।
रेवेन्यू मॉडल को लागू करना पहली प्राथमिकता
“इंदौर ने फंड का यूटिलाइजेशन कर लिया है, अब बचे हुए प्रोजेक्ट्स को समय सीमा में पूरा करना पहली प्राथमिकता है। पेयजल और सीवर के प्रोजेक्ट्स जरूरी हैं, हम जल्द ही इसकी मीटिंग लेकर रेवेन्यू मॉडल को लागू करेंगे।”
— इलैया राजा, कलेक्टर तथा चेयरमैन, स्मार्ट सिटी

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