Chhattisgarh

रायगढ़ में 1700 विद्यार्थियों ने लिया साइबर सुरक्षा का संकल्प, स्कूल-कॉलेजों में पहुंचा साइबर जागृति अभियान

रायगढ़, 19 अगस्त 2026। साइबर अपराधों से बचाव और आम लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने जिले के स्कूल-कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। 18 अगस्त को आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी लिंक, डिजिटल गिरफ्तारी, KYC फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर साइबर अपराधों से काफी हद तक बचा जा सकता है।

अभियान के तहत डीएसपी उन्नति ठाकुर और सुशांतो बनर्जी तथा थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव ने ओपी जिंदल स्कूल में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप और उनसे बचाव के उपाय बताए। वहीं थाना कोतवाली पुलिस टीम ने गर्ल्स कॉलेज, लॉ कॉलेज और शासकीय ग्रंथालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

खरसिया पुलिस ने आत्मानंद स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की जानकारी दी। थाना भूपदेवपुर प्रभारी रोशन कुमार कौशिक के नेतृत्व में हायर सेकेंडरी स्कूल कोड़तराई और हायर सेकेंडरी स्कूल भूपदेवपुर में भी जागरूकता कार्यक्रम हुए। थाना साइबर और थाना चक्रधरनगर की संयुक्त टीम ने बोइरदादर स्थित सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल और सेंट जेवियर इंग्लिश मीडियम स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इसी तरह थाना घरघोड़ा पुलिस ने कन्या शाला घरघोड़ा और महिला थाना पुलिस ने स्थानीय बच्चों के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि OTP, PIN, CVV और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल, संदिग्ध मैसेज, QR Code या लिंक पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की Friend Request स्वीकार करने तथा निजी फोटो और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से भी बचने की सलाह दी गई।

पुलिस ने ऑनलाइन ऑफर, नौकरी, इनाम, निवेश या लोन के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि “डिजिटल गिरफ्तारी”, KYC अपडेट, बिजली कनेक्शन काटने, बैंक खाता बंद होने या पुलिस अधिकारी बनकर डराने जैसी कॉल साइबर ठगी का हिस्सा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में घबराकर कोई पैसा ट्रांसफर नहीं करना चाहिए।

विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड रखने, Two-Factor Authentication यानी 2FA का इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया की Privacy Settings को सुरक्षित रखने की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घटना को छिपाने के बजाय तत्काल शिकायत करना चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

“साइबर जागृति अभियान” के तहत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को QR Code स्कैन कर अभियान से जुड़ने और साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता संदेश सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षित बनने के साथ अपने माता-पिता, भाई-बहन और आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताएं।

रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, OTP और PIN की गोपनीयता बनाए रखें, अनजान लिंक से दूरी रखें और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल सहायता लें। पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे मजबूत हथियार है। रायगढ़ जिले में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

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