मड़वा पॉवर प्लांट क्षेत्र में तेन्दुआ की उपस्थिति पर वन विभाग की सतर्कता, अब नहीं मिले निशान

जांजगीर चांपा, 04 नवंबर । कुछ दिन पूर्व मड़वा पॉवर प्लांट क्षेत्र में तेन्दुए की उपस्थिति की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी में जुटी हुई थी। विभाग की सक्रियता और निरंतर गश्त के बाद अब चार दिनों से इस क्षेत्र या आस-पास के किसी भी भाग में तेन्दुए की कोई गतिविधि या उपस्थिति नहीं पाई गई है। विभाग ने संभावना जताई है कि तेन्दुआ अब अपने प्राकृतिक आवास यानी यन क्षेत्र की ओर वापस लौट गया है।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे भयभीत न हों, परंतु सतर्क अवश्य रहें। विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा आस-पास के ग्रामों में मुनादी और जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सुरक्षा और सतर्कता के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों और आम नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं —
- बच्चों और बुजुर्गों को प्रातः एवं सायंकाल के समय अकेले बाहर न जाने दें।
- खेतों या खुले स्थानों पर रात में अकेले न रहें।
- पशुपालक अपने पशुधन को रात्रि के समय सुरक्षित बाड़ों में रखें।
- यदि किसी स्थान पर तेन्दुए या किसी अन्य वन्यप्राणी की उपस्थिति का आभास हो, तो तुरंत उड़नदस्ता प्रभारी टेकराज सिदार (मो. नं. 8223813383) या वन परिक्षेत्र कार्यालय को सूचना दें।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा वन्यजीव को हानि पहुंचाने, चिढ़ाने, डराने, जाल बिछाने, करंट प्रवाहित करने या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि करने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। तेन्दुआ अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित वन्यप्राणी है, जिसकी रक्षा और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वन विभाग क्षेत्र में निरंतर गश्त, निगरानी और जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना न रहे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांत रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
वन विभाग ने कहा कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण की अमूल्य धरोहर हैं, और इनके साथ सह-अस्तित्व का भाव बनाए रखना ही वास्तविक संरक्षण है।










