मठ महोत्सव में आए हुए श्रद्धालुओं ने किया दर्शन, स्नान और नौकायन

शिवरीनारायण श्रद्धा एवं भक्ति की पावन धरा है लेकिन यहां पर्यटन की दृष्टि से भी पर्याप्त स्थल है जहां पहुंचकर दर्शनार्थी पुण्य लाभ के अतिरिक्त पर्यटकों एवं सैलानियों के आनंद की अनुभूति करते हैं। हाल ही में संपन्न हुए श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव में श्रद्धालु भक्तगण दूर-दूर से पहुंचकर दर्शन, स्नान एवं नौकायन का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। यदि आपका आगमन भी इस नगर में होता है तो इन स्थानों का भ्रमण करना ना भूले।
भगवान नर नारायण का दर्शन
शिवरीनारायण में भगवान नर- नारायण का अति प्राचीन मंदिर स्थित है, यह छत्तीसगढ़ राज्य के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। यहां भगवान नर-नारायण के रूप में विराजित हैं। इसे भगवान जगन्नाथ जी का मूल स्थान माना जाता है। भगवान के दर्शन मात्र से जीवात्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है ऐसी मान्यता है। शिवरीनारायण मठ महोत्सव में पहुंचे हुए सभी श्रद्धालुओं ने भगवान का दर्शन लाभ प्राप्त किया।

महानदी, जोक नदी एवं शिवनाथ नदी के त्रिवेणी संगम में स्नान
शिवरीनारायण में महानदी, शिवनाथ नदी एवं जोंक नदी का त्रिवेणी संगम है। इसमें स्नान से तीर्थराज प्रयाग की तरह पुण्य की प्राप्ति होती है। नदी में बैराज बने होने के कारण अगाध जल भरा हुआ है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

महानदी पर्यटन स्थल में नौकायन
महानदी के त्रिवेणी संगम में नौकायन की अच्छी व्यवस्था है। बड़े-बड़े नाव आपके भ्रमण के लिए उपलब्ध हैं। नदी के दक्षिण तट पर शिवरीनारायण का अमेजॉन नाम का स्थान है जो पर्यटकों को काफी लुभाता है। जितने भी श्रद्धालु भक्तगण मठ महोत्सव में पहुंचे उन्होंने प्रायः इस स्थान का भ्रमण कर प्रसन्नता व्यक्त किया ।
भगवान लक्ष्मणेश्वर महादेव का दर्शन
शिवरीनारायण से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर खरौद नगर में लक्ष्मणेश्वर महादेव का मंदिर है। मान्यता है कि इनकी स्थापना भगवान लक्ष्मण जी ने की थी, यहां दर्शन लाभ अवश्य करें। उनके दर्शन से शिवरीनारायण दर्शन का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। शिवरीनारायण मंदिरों का नगर है यहां अनेक प्राचीन से अति प्राचीन मंदिर दर्शनीय है, लेकिन उपरोक्त स्थान के दर्शन से आपका यहां दर्शनार्थ पहुंचना सार्थक सिद्ध होगा।










