Chhattisgarh

मकर संक्रांति पर ‘मानव सेवा मिशन’ ने पहाड़ी कोरवा बच्चों के जीवन में घोली गर्माहट

संस्कार और सेवा के संगम ‘मकर संक्रांति’ के पावन अवसर पर समाजसेवी संस्था मानव सेवा मिशन ने मानवता की एक अनूठी इबारत लिखी। भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए, मिशन ने अपने सेवा अभियान के सातवें चरण में सुदूर वनांचल में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति ‘पहाड़ी कोरवा’ ग्राम छातासरई में स्नेह और ऊष्मा का वितरण किया।

​दुर्गम रास्तों को पार कर पहुँची मदद:-
​सतरेंगा रोड पर अजगरबहार तहसील आफिस से लगभग 6 किलोमीटर भीतर, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और घने पेड़ों के बीच बसे इस आदर्श ग्राम के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी में जब मिशन के सदस्य पहुँचे, तो बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। मिशन द्वारा न केवल स्कूली छात्र-छात्राओं को, बल्कि गांव के समस्त छोटे बच्चों को नूतन स्वेटर प्रदान किए गए। साथ ही, ठिठुरते बुजुर्गों को कंबल ओढ़ाकर उनका आशीर्वाद लिया गया।

​मुस्कुराहटों में दिखा संतोष:-
​नए और गर्म कपड़े पाकर बच्चों के चेहरों पर जो निश्छल मुस्कान बिखरी, उसने मिशन के ध्येय को सार्थक कर दिया। ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि वनांचलों में इस तरह की सुध लेने वाले कम ही लोग होते हैं।

​सेवा पथ के सारथी:-
​इस पुनीत कार्य में मानव सेवा मिशन की ओर से केशव चन्द्रा, राम सहाय पटेल, डीकेश्वर साहू, श्रीकांत वर्मा, सुशील देवांगन और लक्ष्मण दास ने सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं, नारी शक्ति के रूप में माधुरी चन्द्रा, उमा पटेल, स्मिता पटेल एवं अल्का पृथ्वीकर ने अपनी उपस्थिति से आयोजन में आत्मीयता भरी। शाला के प्रधान पाठक विजयेंद्र यादव, शिक्षक धनेश भास्कर एवं आंगनबाड़ी शिक्षिका पेवती का विशेष सहयोग रहा।

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