Chhattisgarh

बोर्ड परीक्षाओं में सफलता का मूलमंत्र: ‘स्मार्ट राइटिंग’ से मिल सकती है शत-प्रतिशत सफलता – अनुराग तिवारी

रायपुर, 20 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की विषय समिति के वरिष्ठ सदस्य अनुराग तिवारी ने प्रदेश के सभी बोर्ड परीक्षार्थियों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल ज्ञान का आकलन नहीं, बल्कि धैर्य, आत्मविश्वास और समय प्रबंधन की भी परीक्षा होती है। यदि विद्यार्थी स्वयं पर अटूट विश्वास रखें और सुव्यवस्थित रणनीति के साथ उत्तर लेखन करें, तो वे निश्चित रूप से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

तिवारी ने अपने संदेश में ‘स्मार्ट राइटिंग’ को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि कई बार छात्र अच्छी तैयारी के बावजूद उत्तर प्रस्तुतिकरण में कमी के कारण अपेक्षित अंक हासिल नहीं कर पाते। उन्होंने उत्तर लिखते समय आकर्षक हेडिंग, स्पष्ट और सटीक भाषा तथा बिंदुवार प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उनका कहना है कि सुव्यवस्थित उत्तर परीक्षक का ध्यान तुरंत आकर्षित करता है और बेहतर अंक दिलाने में सहायक होता है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि प्रश्नपत्र हल करते समय प्राथमिकता का ध्यान रखें। जिन प्रश्नों के उत्तर पूरी तरह याद हों, उन्हें पहले हल करें और कठिन या संशय वाले प्रश्नों को बाद के लिए छोड़ दें। इससे समय प्रबंधन बेहतर होगा और आत्मविश्वास भी बना रहेगा। प्रत्येक प्रश्न के लिए समय सीमा निर्धारित कर घड़ी पर नजर रखते हुए उत्तर लिखने से अंतिम समय की जल्दबाजी और संभावित त्रुटियों से बचा जा सकता है।

परीक्षा केंद्र में मानसिक एकाग्रता को भी तिवारी ने सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा हॉल में प्रवेश करते ही विद्यार्थियों को बाहरी बातों और अन्य छात्रों की गतिविधियों से ध्यान हटाकर केवल प्रश्नपत्र पर केंद्रित रहना चाहिए। प्रश्नपत्र मिलने के बाद प्रारंभिक समय का सदुपयोग करते हुए सभी प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और मन में उत्तर लेखन का क्रम तय कर लें।

उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर, हस्ताक्षर, प्रश्नपत्र सेट और अन्य आवश्यक विवरण भरते समय विशेष सावधानी बरतने की भी उन्होंने अपील की। उनके अनुसार छोटी-सी त्रुटि भी परिणाम को प्रभावित कर सकती है, इसलिए औपचारिकताओं को गंभीरता से पूरा करना आवश्यक है।

अभिभावकों से अपील करते हुए अनुराग तिवारी ने कहा कि वे परीक्षा के दौरान बच्चों पर अनावश्यक अंक का दबाव न डालें। सकारात्मक माहौल और निरंतर प्रोत्साहन से ही विद्यार्थी तनावमुक्त होकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।

अंत में उन्होंने प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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