बस्तर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में साइबर जागृति अभियान, विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए उपाय

बस्तर ,12 सितंबर। बस्तर में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत बस्तर विश्वविद्यालय के सहयोग और जिला प्रशासन के समन्वय से विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों और उनसे बचने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बस्तर रेंज के आईजी बद्री नारायण मीणा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, कलेक्टर आकाश छिकारा और महापौर संजय पांडेय सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एमबीए सहित बस्तर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग फिशिंग लिंक, ओटीपी, क्यूआर कोड, फर्जी केवाईसी, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंकिंग संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने या सोशल मीडिया पर प्राप्त संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से भी सावधान रहने की अपील की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए साइबर सुरक्षा से जुड़े सवालों पर जानकारी साझा की। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

बस्तर पुलिस की ओर से बताया गया कि 15 अगस्त से जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए जागरूक किया जा रहा है।
साइबर जागृति अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर किया जाएगा। बस्तर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।
बस्तर पुलिस ने नागरिकों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।




