लंपी से पशुओं को बचाने धार्मिक अनुष्ठान: ग्रामीण कर रहे पूजा-अर्चना और जल चढ़ाने के जतन, विभाग करवा रहा वैक्सीनेशन

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बैतूल19 मिनट पहले
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बैतूल जिले के 350 गांवों तक लंपी वायरस का प्रकोप फैल गया है। इसके बाद ग्रामीण कई धार्मिक अनुष्ठान कर वायरस के प्रकोप से मवेशियों को बचाने की जुगत कर रहे है। जिले के शाहपुर खंड में ग्रामीणों ने पारंपरिक ग्राम सभा का आयोजन कर कई फैसले किए है। जिनमें पूजा अर्चना और अनुष्ठान प्रमुख है।
शाहपुर विकासखंड के अंर्तगत ग्राम पाठई में मंगलवार को ग्रामीणों सामाजिक पारंपरिक सभा (कुमेटी) का आयोजन किया। इसमें लंपी वायरस के संक्रमण को रोकने पर सामूहिक चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने मां खेड़ापति मैया की पूजा-अर्चना और आरती कर विनती की। ताकि इस रोग का गांव से जल्द से जल्द निवारण हो।
पारंपरिक सामाजिक सभा के माध्यम से निर्णय लिया गया है कि गांव में तीन दिन बाद गुरुवार से मां खेड़ापति मैया के दरबार पर 9 दिन तक ग्रामीणों की ओर से जल अर्पित किया जाएगा। सभा में ग्राम मुकड़दम दिलीप कवडे, ग्राम पंचायत सरपंच कमल उईके, राजेश काकोडिया और गांव के ग्रामीण उपस्थित रहे।
जल अर्पित करने से जाएगी बीमारी
इस मौके पर मोनू उईके ने बताया कि लंपी बीमारी बहुत तीव्र गति से हमारे आसपास के गांव में फैल रही है। हम आदिवासी ग्रामीणों की आस्था है कि मां खेड़ापति मैया जल अर्पित करने से इस बीमारी का जल्द से जल्द इस बीमारी का खात्मा हो सकता है।
वही पशु चिकित्सक डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि ग्राम पाठई में टीम लगातार पशुओं वैक्सीन लगा रही है। जो रोग से ग्रसित पशु है, उसको पशुपालक को अन्य जानवरों के झुंड से अलग रखने की सलाह ग्रामीणों को दी जा रही है। लंपी वायरस संक्रमण की बीमारी है, एक-दूसरे के सम्पर्क में आने से यह दूसरे पशुओं में हो जाती है।


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