राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय में हुआ सामूहिक गायन

बिलासपुर, 07 नवंबर । राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय के सीएमडी कॉन्फ्रेंस हॉल में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राष्ट्रीय स्मरणोत्सव कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे एसईसीएल परिवार के अधिकारी-कर्मचारी इस ऐतिहासिक क्षण से जुड़ सके।
इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी-योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र , विभागाध्यक्षगण, श्रम संघ प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने ‘वंदे मातरम’ के स्वर में स्वर मिलाते हुए देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत वातावरण बनाया।
‘वंदे मातरम’ की रचना 1875 में महान साहित्यकार श्री बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा की गई थी। यह गीत भारत की स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बन गया और देश के वीर सेनानियों का नारा रहा। ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक चेतना और आत्मगौरव का प्रतीक है।
देशभर में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय स्मारक पहल के रूप में यह आयोजन किया जा रहा है। 1 अक्टूबर 2025 को मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को गीत की मूल क्रांतिकारी भावना से जोड़ना और इसके कालातीत संदेश को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।
एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव के भाव को पुनर्जीवित करने का एक प्रेरणादायी अवसर रहा।




