नृत्यांगना पर्वतम योद्धा को “कला गौरव रत्न सम्मान” से सम्मानित

रायपुर। भारतीय कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए युवा कथक नृत्यांगना पर्वतम योद्धा को “कला गौरव रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संगीत कला अकादमी, रायपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सव “नटरंग – फेस्टिवल ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर” के दौरान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देशभर के प्रतिभाशाली कलाकारों ने भाग लिया, जिसमें पर्वतम योद्धा ने अपनी उत्कृष्ट कथक प्रस्तुति से दर्शकों एवं निर्णायकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति में लय, भाव, ताल और अभिव्यक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने सभी को प्रभावित किया।
अकादमी की निदेशक डॉ. संगीता कापसे ने सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि पर्वतम योद्धा जैसी युवा प्रतिभाएं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और कला के प्रति लगन सराहनीय है।
कार्यक्रम के अंत में उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं पारंपरिक उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
पर्वतम योद्धा दिल्ली पब्लिक स्कूल बाल्को में 4 वीं कक्षा में पढ़ रही है और वह अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक और तबला गुरु पंडित मोरध्वज वैष्णव से कथक नृत्य सीख रही है। और वह भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी पर्वतम सतीश कुमार की बेटी हैं।



