धान खरीदी पर सवालों के घेरे में प्रशासन, विधायक ने जताई नाराज़गी

सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर लगातार दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, जिले के सहायक आयुक्त (सहकारिता) व्यास नारायण साहू (डीआर) पर आरोप है कि उन्होंने धान खरीदी से जुड़े प्रबंधकों को मौखिक रूप से दबाव में लेने की बात कही। बताया जा रहा है कि 19 जनवरी को आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में धान खरीदी के आंकड़ों को लेकर कड़े शब्दों का प्रयोग किया गया। हालांकि, इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इधर, किसानों की ओर से यह शिकायतें भी सामने आ रही हैं कि उन्हें टोकन कटवाने के लिए बार-बार सोसाइटियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। छोटे किसानों का कहना है कि पर्याप्त धान होने के बावजूद प्रक्रिया में विलंब किया जा रहा है, जिससे उन्हें असुविधा हो रही है।
विधायक ने जताई आपत्ति
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सारंगढ़ के विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े ने कथित घटनाक्रम पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी शासन की तय नीति के अनुसार होनी चाहिए और किसी भी अधिकारी को किसानों को परेशान करने का अधिकार नहीं है। विधायक ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसानों के साथ अन्याय हुआ है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक का कहना है कि कुछ किसानों को निरीक्षण और दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं के नाम पर मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जांच की मांग
विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।





