धरसींवा IDBI बैंक गबन मामला: विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों से 10 पीड़ित परिवारों को मिले 47 लाख रुपये, बाकी राशि दो किस्तों में लौटाने का आश्वासन

- धनतेरस पर पीड़ित परिवारों को मिली राहत, बैंक प्रबंधन ने शेष रकम लौटाने का दिया लिखित भरोसा; 29 ग्राहकों के खातों से हुआ था करीब 1.50 करोड़ रुपये का गबन
धरसींवा। छत्तीसगढ़ के धरसींवा स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में हुए करीब 1.50 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन मामले में पीड़ित खाताधारकों को बड़ी राहत मिली है। विधायक अनुज शर्मा के लगातार प्रयासों और बैंक प्रबंधन पर बनाए गए दबाव के बाद धनतेरस के अवसर पर 10 पीड़ित परिवारों को लगभग 47 लाख रुपये की राशि वापस कर दी गई। वहीं, शेष प्रभावित हितग्राहियों की बकाया राशि दो किस्तों में लौटाने का बैंक प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, करीब दस महीने पहले आईडीबीआई बैंक की धरसींवा शाखा में दो कर्मचारियों ने 29 गरीब और सीधे-साधे ग्राहकों के खातों से कथित तौर पर धोखाधड़ी कर लगभग 1.50 करोड़ रुपये निकाल लिए थे। इस घटना के बाद प्रभावित खाताधारक अपनी जीवनभर की जमा पूंजी वापस पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद विधायक अनुज शर्मा ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए शासन-प्रशासन और पुलिस के समक्ष मामला उठाया। उनके प्रयासों के बाद करीब छह महीने पहले दोनों आरोपी बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पीड़ितों की रकम वापस दिलाना बड़ी चुनौती बनी हुई थी। विधायक अनुज शर्मा ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं और पत्राचार के माध्यम से राशि वापसी की मांग उठाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी प्रभावित ग्राहकों को उनकी पूरी रकम वापस नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
लगातार दबाव और प्रयासों के बाद धनतेरस के दिन बैंक प्रबंधन ने 10 पीड़ित परिवारों को करीब 47 लाख रुपये वापस किए। शेष राशि भी आगामी दो किस्तों में हितग्राहियों के खातों में जमा करने का लिखित भरोसा दिया गया है।
राशि वापस मिलने पर पीड़ित परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कई बुजुर्ग और गरीब हितग्राहियों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। प्रभावित परिवारों ने विधायक अनुज शर्मा का मिठाई खिलाकर आभार जताया।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि गरीबों की मेहनत की कमाई का एक-एक रुपया उनके सपनों और परिवार के भविष्य से जुड़ा होता है। जनता के हक का पैसा वापस दिलाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी प्रभावित परिवारों को उनकी पूरी राशि वापस नहीं मिल जाती।
वहीं, आईडीबीआई बैंक के सीनियर रीजनल हेड आशीष त्रिपाठी ने कहा कि बैंक ग्राहकों के हितों और उनकी जमा पूंजी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। धरसींवा शाखा में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रभावित हितग्राहियों को राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और शेष रकम भी जल्द दो किस्तों में वापस कर दी जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े सुरक्षा मानक लागू किए गए हैं।




