ज्ञानेश कुमार के सामने झुके अभिजीत दीपके! आंदोलन पर लगाया ब्रेक, कार्यकर्ताओं से कहा-परिवार के साथ वक्त बिताएं, सौरभ-आशुतोष पर आंखें हुई नम

Abhijeet Dipke Puts Stop to Protest Against Gyanesh Kumar: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन पर ब्रेक लगा दिया है। सीजेपी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल में बंद होने से आहत अभिजीत दीपके ने वीडियो संदेश जारी कर सीईसी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन पर फिलहाल ब्रेक लगाने की जानकारी दी। इस दौरान सौरभ दास और आशुतोष रांका पर बात करते हुए दीपके की आंखें नम हो गईं।
अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों को परिवार के साथ समय बिताने को कहा है। उन्होंने सौरभ दास और आशुतोष रांका के जेल जाने समेत अन्य मुश्किलों का जिक्र किया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने 6 मिनट लंबे वीडियो मैसेज में सौरभ दास और आशुतोष रांका को जेल में बंद होने समेत कानूनी मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा है कि कॉकरोचों को सलाह दी है कि त्याहारों के समय वे अपने परिवारों के साथ वक्त बिताएं। सौरभ दास और आशुतोष रांका पर बात करते हुए दीपके की आंखें नम हो गईं। दीपके ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी आंखों में आंसू डर की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए हैं क्योंकि सौरव और आशु उनके भाई हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील भी की है।
सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर लाइव आए दीपके ने कहा- हमारे अंदर नफरत न भरे, केवल प्यार हो, इसके लिए जरूरी है कि हम अपने परिवार के आसपास रहें। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप सब अपने परिवार के पास वापस जाएं और उनका ख्याल रखें. हम उनके लिए लड़ रहे हैं जो हमें जानते भी नहीं। महात्मा गांधी ने भी यही सिखाया है कि अनजानों को भी जरूरत हो तो उनके लिए लड़ाई लड़ो। उन्होंने कहा, ‘भावुकता को कमजोरी समझना आपकी आदत होगी, लेकिन यह सेंटिमेंट हमारी ताकत है. हम पीछे नहीं हटेंगे। जब सौरव और आशु बाहर निकलेंगे, तो उसी मुस्कान के साथ बाहर निकलेंगे और महात्मा गांधी की राह पर चलेंगे। उन्हें परेशान किया जा रहा है, फिर भी वे मुस्कुराते हुए जेल जा रहे हैं और कोर्ट में आ रहे हैं. आप उनके अंदर नफरत पैदा नहीं कर पाएंगे।
इधर दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के तुरंत बाद उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश के मामले को सोमवार को अपनी अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी है। कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223ए (लोक सेवक द्वारा विधिवत लागू आदेश की अवहेलना), 332 (अपराध करने के लिए अनधिकृत प्रवेश) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।




