जांजगीर में निकली 365 फीट लंबी भव्य चुनरी यात्रा, देवी दाई मंदिर में महाआरती के साथ गूंजे जयकारे, नौ कन्याओं का हुआ पूजन

जांजगीर-चांपा। गायत्री मंदिर प्रज्ञा पीठ के तत्वावधान में जांजगीर में 365 फीट लंबी भव्य चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश लेकर निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विभिन्न धार्मिक एवं महिला संगठनों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चुनरी यात्रा गायत्री मंदिर से प्रारंभ होकर बस्ती स्थित देवी दाई मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से देवी दाई की महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
इस धार्मिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति जनजागरण, धार्मिक एकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने सामूहिक सहभागिता के माध्यम से धार्मिक एकता और संगठन का परिचय दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन उपस्थित रहे। इसके अलावा गायत्री प्रज्ञा पीठ की संस्थापक चमेली देवी शुक्ला, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य लोमस राम साहू, सह विभाग कार्यवाह लक्ष्मी नारायण सोनी, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य मनमथनाथ शर्मा तथा धर्म जागरण समन्वय की प्रांतीय मातृशक्ति सहसंयोजक अंजू गबेल की विशेष उपस्थिति रही।

आयोजन में धर्म जागरण और सनातन धर्म की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करने का संदेश दिया गया। जांजगीर के विभिन्न धार्मिक संगठनों और महिला समितियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चुनरी यात्रा में सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय, जागृति महिला मंडल, उमा महेश्वर शिव मंदिर समिति, गायत्री प्रज्ञा पीठ मंदिर, शारदा मंदिर, पतंजलि समिति, ब्राह्मण नारी नवचेतना, कचहरी चौक का राजा समिति, मित्र परिवार बस्ती, बागेश्वर धाम समिति और अंबे मां कीर्तन मंडली सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नौ कन्याओं का पूजन रहा। नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने सनातन परंपराओं और धार्मिक संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
देवी दाई मंदिर में महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ चुनरी यात्रा का समापन हुआ। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी धार्मिक संगठनों, महिला समितियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।



