जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुल को लेकर चक्काजाम, चार घंटे थमा यातायात

बुंदेली-सुतर्रा मार्ग पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, तहसीलदार के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त
कोरबा, 8 अगस्त। कटघोरा विकासखंड के बुंदेली-सुतर्रा मुख्य मार्ग की जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुल की समस्या को लेकर शुक्रवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। बांकी मोंगरा-सुतर्रा मार्ग पर हुए चक्काजाम के कारण करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जर्जर सड़क की मरम्मत तथा क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की।
15 दिन की मोहलत के बाद भी कार्रवाई नहीं
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों के अनुसार, सड़क और पुल की समस्या को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। प्रशासन को 15 दिनों का समय देते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की गई थी। पार्टी का आरोप है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसके बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम का निर्णय लिया गया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि बुंदेली से सुतर्रा जाने वाला यह मार्ग आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। लंबे समय से सड़क खराब होने के साथ पुल भी क्षतिग्रस्त है। बारिश के दिनों में मार्ग की स्थिति और खराब हो जाती है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
अधिकारियों के पहुंचने के बाद बनी सहमति
चक्काजाम की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद तहसीलदार ने सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद पार्टी ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ।
निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव महावीर यादव ने कहा कि पार्टी ने लोकतांत्रिक तरीके से पहले प्रशासन को ज्ञापन दिया, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई और संबंधित विभाग को पर्याप्त समय दिया। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा मुद्दा है। यदि लिखित आश्वासन के अनुरूप जल्द सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है तो ग्रामीणों के साथ मिलकर इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पार्टी के कोरबा जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने क्षेत्रीय विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो ग्रामीणों के साथ क्षेत्रीय विधायक, संबंधित मंत्री और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने दिया समर्थन
आंदोलन को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिलाध्यक्ष सुरजीत सोनी ने अपनी टीम के साथ समर्थन दिया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की वर्षों पुरानी सड़क और पुल की समस्या का समाधान नहीं होने पर शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।
प्रदर्शन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष चंचल महंत, जिला उपाध्यक्ष सुनीता खूंटे, जिलामंत्री देव हंस, संगठन मंत्री सुरेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष संजीव गोस्वामी, कोरबा शहर अध्यक्ष हरि चौहान, देवराज गोड सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की ओर से जिला संयोजक नवल साहू, जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी, जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, जिला संगठन मंत्री ओम केवट, दीपका अध्यक्ष राजा राठौर सहित अन्य पदाधिकारी और सेनानी शामिल हुए। प्रभावित ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनपद सदस्य, पंच, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आंदोलन में मौजूद रहे।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने स्पष्ट किया कि सड़क और पुल निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होने तक इस मुद्दे को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा जाएगा।




