Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में डाक विभाग का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 4 नए डाक संभाग और 5 उपसंभाग गठित, कई अधिकारियों का तबादला, जानिए किसे कहां मिली जिम्मेदारी

रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में भारतीय डाक विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और डाक सेवाओं के बेहतर संचालन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डाक सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से 4 नए डाक संभाग और 5 नए उपसंभागों का गठन किया गया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक पुनर्गठन के साथ ही विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण और नई पदस्थापना की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल (CPMG) कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

डाक विभाग के इस फैसले को प्रदेश में डाक सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए संभागों और उपसंभागों के गठन से विभागीय कामकाज का बेहतर बंटवारा हो सकेगा। इसके साथ ही ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में डाक सेवाओं की निगरानी तथा संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कई अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना की जानकारी दी गई है। इसके तहत कांकेर में पदस्थ नामांकित अधीक्षक एआर साहू का स्थानांतरण रायगढ़ किया गया है। वहीं राजनांदगांव में पदस्थ सौरभ श्रीवास्तव को बस्तर डाक संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार रायपुर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत पूजा तिवारी का स्थानांतरण आरपीटी रायपुर डाक संभाग में किया गया है।

नए प्रशासनिक ढांचे के तहत संबंधित अधिकारियों को अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद नवगठित संभागों और उपसंभागों में विभागीय गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

छत्तीसगढ़ में डाक विभाग का नेटवर्क शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दुर्गम इलाकों तक फैला हुआ है। ऐसे में प्रशासनिक कार्यक्षेत्र का विस्तार होने और अलग-अलग संभागों के गठन से विभागीय कार्यों की निगरानी बेहतर होने की संभावना है। इससे डाकघरों के संचालन, कर्मचारियों के प्रबंधन, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और आम नागरिकों से जुड़ी सेवाओं की निगरानी में भी सुविधा मिल सकती है।

डाक विभाग वर्तमान में पत्रों और पार्सल की डिलीवरी के साथ ही बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और विभिन्न वित्तीय सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम बने हुए हैं। ऐसे में नए संभागों और उपसंभागों के गठन से इन सेवाओं के संचालन और प्रशासनिक समन्वय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

विभागीय पुनर्गठन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण भी है। इससे अधिकारियों को अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में डाक सेवाओं की निगरानी, समस्याओं के समाधान और विभागीय कार्यों के संचालन पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया जा सकेगा।

हालांकि, इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को डाक सेवाओं की गति, गुणवत्ता और उपलब्धता में कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, यह नवगठित संभागों और उपसंभागों के पूरी तरह कार्यशील होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल डाक विभाग ने प्रशासनिक पुनर्गठन के साथ अधिकारियों की नई पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस बदलाव का असर प्रदेश की डाक सेवाओं और विभागीय कार्यप्रणाली पर देखने को मिल सकता है।

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