छत्तीसगढ़ के संभागीय और जिला मुख्यालयों में लगेगी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा, सरकार ने 10.60 करोड़ रुपये किए मंजूर
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के संभागीय एवं जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस योजना के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 10.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। सरकार के इस फैसले का प्रदेशभर में स्वागत किया जा रहा है।
बताया गया कि उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की घोषणा के अनुरूप विभाग ने प्रतिमाओं की स्थापना के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत की है। सरकार का उद्देश्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई जाएगी। सरकार का मानना है कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान को स्थायी रूप से स्मरणीय बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

इस निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा नेता प्रशांत सिंह ठाकुर ने इसे सुशासन सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में कभी लागू रही परमिट व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने आंदोलन का नेतृत्व किया था और इसी दौरान हिरासत में उनका निधन हो गया था।
प्रशांत सिंह ठाकुर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का “एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेगा” का उद्घोष भारतीय राजनीति और राष्ट्रीय एकता के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है।
भाजपा नेता ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रनायकों के सम्मान और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।




