गेवरा माइंस में छह घंटे तक ठप रहा कोयला उत्पादन, 35 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

कोरबा, 28 अक्टूबर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा मेगा माइंस में मंगलवार को प्रदर्शन के कारण लगभग छह घंटे तक कोयला उत्पादन और अन्य खनन गतिविधियां प्रभावित रहीं। मामले में SECL प्रबंधन की शिकायत पर दीपका पुलिस ने प्रदर्शन की अगुवाई करने वालों सहित करीब 35 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले की गेवरा मेगा माइंस में मंगलवार को कुछ लोगों ने भूविस्थापितों की समस्याओं और उनके लंबित मामलों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भूविस्थापितों के नियोजन सहित अन्य मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना था कि प्रबंधन के स्तर पर कई मामले लंबे समय से लंबित हैं और बार-बार पत्राचार तथा ध्यानाकर्षण के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
प्रदर्शन के कारण खदान में कोयला उत्पादन सहित अन्य परिचालन गतिविधियां प्रभावित हुईं। बताया जा रहा है कि इसी दिन SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) का गेवरा क्षेत्र में प्रवास भी निर्धारित था। ऐसे में प्रदर्शन के समय को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आईं। हालांकि, प्रदर्शन के पीछे के उद्देश्य और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद SECL प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दीपका थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने लगभग 35 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। दीपका TI धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि प्रदर्शन की अगुवाई करने वालों सहित करीब 35 लोगों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोयला उत्पादन प्रभावित होने से SECL के परिचालन पर असर पड़ा। गेवरा देश की प्रमुख कोयला खदानों में शामिल है और यहां से उत्पादित कोयला बिजली उत्पादन सहित विभिन्न औद्योगिक जरूरतों की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में खदान में लंबे समय तक कामकाज बाधित होने से उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।
SECL प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई से खदान क्षेत्र में प्रदर्शन और परिचालन बाधित करने से जुड़े मामलों पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है। अब मामले में पुलिस की आगे की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।




