Chhattisgarh

गांव से दिल्ली तक: सनाया मानिकपुरी ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पानाबरस की बेटी सनाया मानिकपुरी ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड फॉर एक्टिविस्ट एंड आर्टिस्ट द्वारा नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय स्तर का सम्मान एवं अवार्ड प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें छत्तीसगढ़ी कला, गीत-संगीत और परिधान के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला।

गौरतलब है कि ग्राम पानाबरस आज भी आधुनिक संसाधनों से दूर है, लेकिन इसके बावजूद सनाया ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों से प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान बनाई है। उनके इंस्टाग्राम पर 1.45 लाख (145K) फॉलोअर्स हैं, जहां वे संस्कृति के साथ-साथ समाज की विसंगतियों को दूर करने के लिए भी सक्रिय संदेश साझा करती हैं।

सनाया मानिकपुरी की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का आशीर्वाद और सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ी कला और संस्कृति की बढ़ती पहचान और नई पीढ़ी की रचनात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।

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