खनन प्रभावित गांवों को आदर्श ग्राम बनाने कलेक्टर की पहल

ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं, विकास की समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश
कोरबा, 6 सितंबर। जिले के कोयला उत्खनन से प्रभावित गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पहल शुरू की है। उन्होंने ग्राम पंचायत ढेलवाडीह, जवाली, डोंगरी, रंजना, बतारी और बेलटिकरी का दौरा कर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और गांवों के विकास के लिए सुझाव एवं प्रस्ताव लिए।
कलेक्टर ने सरपंचों से पंचों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव की प्राथमिक आवश्यकताओं के आधार पर समग्र कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में पेयजल, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
डीएमएफ के कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश
कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए पुराने कार्य शीघ्र पूर्ण करने और नए कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क मरम्मत, पेयजल के लिए बोर एवं सोलर ड्यूल पंप, जर्जर स्कूल व आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत तथा आवश्यकतानुसार नए भवन निर्माण को प्राथमिकता देने कहा।
ग्रामीणों की अधिक बिजली बिल की शिकायत पर गांव में शिविर लगाकर बिलों की जांच करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए परिवारों और 8 से 15 लोगों के समूहों को सामूहिक सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन करने की जानकारी दी।
शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर
कलेक्टर ने ग्रामीणों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने और उनकी पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के पात्र विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग तथा उच्च शिक्षा में आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लाइवलीहुड कॉलेज के कौशल प्रशिक्षण का लाभ लेने की अपील की गई। स्व-सहायता समूहों को ई-रिक्शा, मिनी राइस मिल, आटा चक्की, दोना-पत्तल मशीन, सिलाई, स्कूल ड्रेस निर्माण, प्रिंटिंग प्रेस और कचरा संग्रहण जैसे कार्यों के लिए सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई।
किसानों और पेयजल व्यवस्था पर भी चर्चा
कलेक्टर ने नए किसानों से धान विक्रय के लिए 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने 2 अक्टूबर की ग्राम सभा में गिरदावरी सूची में अपने नाम एवं रकबे का मिलान करने और त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराने कहा।
जाति प्रमाणपत्र से वंचित लोगों को ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया से प्रमाणपत्र बनवाने की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों और बुजुर्गों के आवागमन के लिए गांव में ई-रिक्शा उपलब्ध कराने तथा उसके संचालन के लिए स्थानीय युवक का चयन करने की पहल भी की गई।
जल जीवन मिशन के तहत तीन माह में पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की वन पट्टा, बिजली बिल, अवैध शराब एवं गांजा बिक्री तथा अन्य शिकायतों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।




