कोरबा से डोंगरगढ़ तक सीधी ट्रेन की मांग, नवरात्रि में श्रद्धालुओं को राहत देने उठी आवाज

कोरबा। कोरबा जिले के उन श्रद्धालुओं की इच्छाएं हर नवरात्रि में अधूरी रह जाती हैं, जो डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी के दर्शन करना चाहते हैं। इस बार भी चैत्र नवरात्रि को देखते हुए रेल संघर्ष समिति कोरबा ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग उठाई है।
समिति के संरक्षक रामकिशन अग्रवाल और अंकित सावलानी ने इस संबंध में रेलवे के डीआरएम को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि 19 मार्च से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाते हैं, लेकिन सीधी ट्रेन सुविधा नहीं होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस रूट पर चलने वाली ट्रेनें लंबी दूरी की एक्सप्रेस हैं, जिनका समय और किराया आम यात्रियों, विशेषकर कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे में एक दिन में दर्शन कर वापस लौटने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पाती।
समिति ने सुझाव दिया है कि कोरबा से रायपुर के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस को नवरात्रि मेला अवधि तक डोंगरगढ़ तक विस्तारित किया जाए। इससे अलग से मेला स्पेशल ट्रेन चलाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी, क्योंकि उक्त ट्रेन का रैक रायपुर में सुबह 10:35 बजे से शाम 6:00 बजे तक खाली खड़ा रहता है।
प्रस्ताव के अनुसार, हसदेव एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 6:35 बजे कोरबा से रवाना होकर डोंगरगढ़ तक जाएगी और वापसी में वहीं से कोरबा लौटेगी। इससे श्रद्धालु एक ही दिन में दर्शन कर वापस आ सकेंगे, जबकि अन्य यात्री अपनी सुविधा अनुसार अगले दिन की यात्रा भी चुन सकेंगे।
रेल संघर्ष समिति ने रेलवे प्रशासन से जल्द निर्णय लेकर श्रद्धालुओं को राहत देने की मांग की है।



