Chhattisgarh

कोरबा-रायगढ़ रेल सेवा को बड़ा झटका, रेलवे बोर्ड ने प्रस्ताव फिलहाल किया लंबित

कोरबा। कोरबा को रायगढ़ रेल मार्ग से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग को फिलहाल बड़ा झटका लगा है। पहली बार रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की पहल पर इस दिशा में उम्मीद जगी थी, लेकिन रेलवे बोर्ड ने प्रस्ताव को अभी मंजूरी देने से इनकार करते हुए उसे लंबित कर दिया है। बोर्ड ने इसके पीछे प्रमुख वजह संबंधित रेलवे स्टेशनों पर नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य पूरा नहीं होना बताया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राकेश रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि जब तक चांपा, रायगढ़, गेवरारोड और बिलासपुर रेलवे स्टेशनों पर प्रस्तावित नॉन इंटरलॉकिंग कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक कोरबा-रायगढ़ रेल सेवा शुरू करने या नई ट्रेनों के संचालन पर निर्णय लेना संभव नहीं होगा।

डीआरएम ने बताया कि एनआई कार्य रेलवे की सुरक्षा और सिग्नलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। हालांकि कई बार स्थानीय स्तर पर विरोध और हस्तक्षेप के कारण इन कार्यों को स्थगित करना पड़ता है, जिससे नई रेल परियोजनाएं और ट्रेन विस्तार की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान केवल यात्री ट्रेनों ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का संचालन भी प्रभावित होता है। इसी कारण रेलवे को कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करना पड़ता है।

हाल ही में रेल संघर्ष समिति, कोरबा का एक प्रतिनिधिमंडल डीआरएम राकेश रंजन सहित रेलवे के विभिन्न अधिकारियों से मिला। प्रतिनिधिमंडल में मनोज अग्रवाल, तुषार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल सहित अन्य सदस्य शामिल थे। बैठक के दौरान समिति ने कोरबा-रायगढ़ रेल सेवा जल्द शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।

इन स्टेशनों पर पहले होगा नॉन इंटरलॉकिंग कार्य

डीआरएम के अनुसार, कोरबा-रायगढ़ रेल सेवा शुरू करने से पहले चांपा, रायगढ़, गेवरारोड और बिलासपुर रेलवे स्टेशनों पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य पूरा किया जाना आवश्यक है। चांपा स्टेशन पर पहले भी एनआई कार्य के लिए अनुमति ली गई थी, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते इसे टालना पड़ा। कोरबा स्टेशन पर भी भविष्य में एनआई कार्य प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले अन्य प्रमुख स्टेशनों का कार्य पूरा किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सभी कार्यों के पूरा होने के बाद ही नई ट्रेनों के संचालन और मौजूदा ट्रेनों के विस्तार पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। फिलहाल कोरबा से रायगढ़ के लिए सीधे रेल संपर्क का इंतजार कर रहे यात्रियों को कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है।

Related Articles

Back to top button