कोरबा: घर बैठे मिल रही परिवहन सेवाः ’तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ योजना से आसान हुई राह,वर्ष 2025-26 में 26 हजार 320 लायसेंस बने

कोरबा 25 मार्च 2026/
छत्तीसगढ़ शासन की “तुंहर सरकार तुंहर द्वार“ योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा दी जा रही घर पहुँच सेवाओं ने नागरिकों के जीवन को सुगम और सरल बना दिया है। प्रदेश सरकार की इस मंशा को आगे बढ़ाते हुए परिवहन विभाग द्वारा कुशल और समयबद्ध तरीके से स्मार्ट कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) सीधे आवेदकों के घर के पते पर पहुँचाए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
इस योजना के क्रियान्वयन से परिवहन प्रणाली में न केवल सुधार हुआ है, बल्कि नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। वाहन स्वामियों को अब आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं। शासन का यह कदम सुरक्षित और सीमित गति से वाहन चलाने के साथ-साथ पर्यावरण नियमों के अनुपालन के प्रति भी नागरिकों को प्रोत्साहित कर रहा है। सड़क सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने और यातायात संकेतों के पालन को अनिवार्य बनाने की दिशा में यह सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है।
परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा ने बताया कि कोरबा जिले में इस योजना के सफल संचालन के परिणाम आंकड़ों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 52,076 दस्तावेजों का वितरण किया गया था, जिसमें 27,253 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 24,823 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल थे। वहीं, आगामी वर्ष 2025-26 में सेवाओं की गति में और अधिक वृद्धि देखी गई है। इस वर्ष अब तक कुल 58,850 दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें 32,530 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 26,320 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। जिला परिवहन अधिकारी कोरबा के मार्गदर्शन में बढ़ते हुए ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना जनता के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है और परिवहन सेवाओं तक पहुँच को अधिक सुगम बना रही है।




