कीचड़ में फंसी एंबुलेंस: छतरपुर में ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से निकाला, ग्रामीण बोले- अवैध रेत खनन के चलते सड़कें हुईं बर्बाद

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छतरपुर (मध्य प्रदेश)एक घंटा पहले
छतरपुर जिले की सरसेड़ ग्राम पंचायत के चपरन गांव में एक जननी एक्सप्रेस (एंबुलेंस) कीचड़ में फंस गई। एंबुलेंस जिला अस्पताल से जच्चा और बच्चा को गांव तक छोड़ने गई थी। जो कि गांव की कच्ची और कीचड़ भरे दलदली रास्ते में फंस गई। देर शाम यह एंबुलेंस तकरीबन 2 घंटे तक यहां फांसी रही, जिसे गांव वालों की मदद से बमुश्किल ट्रैक्टर की मदद से निकाला जा सका।
मामला जिले की नौगांव जनपद के ग्राम पंचायत सरसेड़ के गांव चपरन का है। यहां के रहवासियों ने बताया कि मुख्य मार्ग तक जाने के लिए सड़क नहीं है। जिसके कारण यहां के लोग हर साल बारिश के दिनों में नरकीय जीवन जीने को मजबूर होते हैं।
जच्चा-बच्चा को गांव छोड़ने आई थी एंबुलेंस
देर शाम यह एंबुलेंस जिला अस्पताल से डिलेवरी के बाद जच्चा-बच्चा को छोड़ने चपरन गांव गई थी। जहां कच्ची सड़क पर दलदली कीचड़ में जननी वाहन फंस गई, जो तकरीबन दो घंटे तक फंसी रही। मामले की जानकारी लगाने पर एंबुलेन्स निकालने के लिये ग्रामीणों ने ट्रैक्टर मंगवाया। तब कहीं ट्रैक्टर में बांध कर एंबुलेंस को कीचड़ से निकाला।
पक्की सड़क नहीं है, नेता अधिकारी जानकर अनजान
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पक्की सड़क की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और विधायक से बात की। लेकिन प्रधानमंत्री सड़क निर्माण का कार्य दो वर्ष से अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में पक्की सड़क नहीं होने ग्रामीणों को रेलवे लाईन के किनारे-किनारे से होकर आना-जाना पड़ता है जो कि रास्ता जोखिम भरा होता है।






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