कार्यालय में घुसी संरक्षित मॉनिटर लिज़र्ड का सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा गया

कोरबा, 2 जुलाई। सेवाभारती कोरबा के विवेकानंद सेवा सदन कार्यालय, बुधवारी में गुरुवार को एक संरक्षित मॉनिटर लिज़र्ड (गोह) घुस आने से कर्मचारियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही नोवा नेचर की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से गोह का रेस्क्यू किया और वन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, सेवाभारती कोरबा के सचिव अभिषेक शर्मा ने कार्यालय परिसर में गोह दिखाई देने पर इसकी सूचना नोवा नेचर के रेस्क्यू प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी। सूचना मिलते ही सारथी ने अपनी टीम के सदस्य राजू बर्मन एवं बॉबी श्रीवास को मौके पर भेजा। टीम ने पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ मॉनिटर लिज़र्ड का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) प्रेमलता यादव को इसकी जानकारी दी गई। एसडीओ सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए गोह को सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, मॉनिटर लिज़र्ड (गोह) भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित वन्यजीव है। इसे नुकसान पहुंचाना, पकड़ना या मारना कानूनन दंडनीय अपराध है।
रेस्क्यू प्रमुख जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि घर, कार्यालय या आसपास कोई वन्यजीव दिखाई दे तो घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग अथवा अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीवों के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।




