Chhattisgarh

एनटीपीसी के ठेका श्रमिकों ने कलेक्ट्रेट तक निकाली पदयात्रा, श्रम कानून उल्लंघन का लगाया आरोप

कोरबा,28 जनवरी 2026। एनटीपीसी कोरबा में कार्यरत ठेका श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को सीटू के नेतृत्व में एनटीपीसी परिसर से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन में तब्दील हो गई, जहां ठेका श्रमिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

यह पदयात्रा के.एस.टी.पी.एस. एनटीपीसी कोरबा उत्पादन कंपनी कामगार यूनियन के आह्वान पर निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ठेका मजदूर शामिल हुए। रैली सी. जैन मार्ग से शुरू होकर दर्री बाजार, कोहड़िया, सीएसईबी चौक, घंटाघर और कोसाबाड़ी होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश अध्यक्ष एस.एन. बैनर्जी ने कहा कि NTPC देश की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने वाली महारत्न कंपनी है, लेकिन इसके कोरबा संयंत्र में श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू होने के बावजूद ठेकेदारों के मुंशी वेतन भुगतान के बाद प्रतिदिन 250 से 350 रुपये तक की अवैध वसूली करते हैं। विरोध करने पर श्रमिकों का गेट पास बंद कर उन्हें काम से बाहर कर दिया जाता है।

बैनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आने वाले समय में संयंत्र स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

एनटीपीसी कामगार यूनियन के अध्यक्ष फागू राम कश्यप ने बताया कि कलेक्ट्रेट पहुंचकर श्रमिकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिक वर्षों से असुरक्षा, शोषण और अनियमितताओं का सामना कर रहे हैं।

रैली एवं प्रदर्शन में सीटू, बालको सीटू यूनियन, परिवहन संघ एवं किसान सभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। किसान सभा से प्रशांत झा, दीपक साहू, दामोदर श्याम सहित गुरुमूर्ति, सुमरित कश्यप, जी.डी. महंत, फुलबाई, जीराबाई, हेमलाल और अजय सहित बड़ी संख्या में ठेका मजदूर उपस्थित थे।

प्रमुख मांगें

  1. आईटीआई योग्य कुशल श्रमिकों को तत्काल काम पर वापस लिया जाए।
  2. ठेका बदलने की स्थिति में श्रमिकों को न बदला जाए।
  3. सभी श्रमिकों को गेट पास, पेस्लिप एवं हाजिरी कार्ड प्रदान किया जाए।
  4. ठेकेदारों के मुंशियों द्वारा वेतन से की जा रही अवैध कटौती तत्काल बंद की जाए।

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