आम जनता के लिए निराशा भरा बजट महंगाई, बेरोजगारी और किसानों पर कोई ठोस राहत नहीं – योगेन्द्र प्रताप सिंह (गौरव)

जांजगीर चांपा। प्रस्तुत किया गया बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। जिस समय देश महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है, उस समय लोगों को राहत देने की बजाय सरकार ने आंकड़ों का खेल दिखाने की कोशिश की है।
मध्यम वर्ग, किसान, युवा और छोटे व्यापारियों को इस बजट से बड़ी आशाएं थीं, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लगी है। रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों पर कोई ठोस नियंत्रण की घोषणा नहीं की गई। किसानों की आय बढ़ाने, फसलों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि लागत कम करने जैसे मुद्दों पर भी बजट मौन नजर आया।
युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखाई देती। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।




